हरिद्वार (ऋतिक)
आज अचीवर्स होम पब्लिक स्कूल हरिद्वार में संविधान दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक रूप से संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन एवं विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें संविधान दिवस के उपलक्ष में नाटकों एवं कलाकृतियों के द्वारा संविधान की गरिमा एवं अवधारणा को दर्शाया गया।प्रधानाचार्य एस सरकार ने आए हुए अतिथियों का स्वागत कर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान भारत की आत्मा, लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला और प्रत्येक नागरिक के सम्मान, अधिकार व समान अवसरों का संवाहक है।आज मैं आप सभी को संविधान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।हम सभी को सदा याद रखना चाहिए कि संविधान केवल अधिकार नहीं देता है बल्कि उसमें महान कर्तव्यों व अनुशासन की प्रेरणा भी है।आइए आज हम सब यह प्रण लेते हुए विकसित भारत के लिए संविधान के आदर्शों एवं मूल्यों पर चलने के लिए संकल्पित हों।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा ने कहा कि आज संविधान दिवस के अवसर पर हम सब बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी को नमन करते हैं और यह दिन संवैधानिक आदर्श, न्याय, स्वतंत्रता ,समानता, बंधुत्व ,एकता एवं अखंडता, अनुशासन जैसे मानवीय मूल्यों के प्रति हमें प्रोत्साहित करता है।वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम की प्रणेतादायक विरासत है तथा स्वतंत्रता संग्राम की अवधि से ही राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक गीत रहा है इसके गायन से हमारी युवा पीढ़ी में राष्ट्र प्रेम राष्ट्रभक्ति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता एवं राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित होती है।बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत संस्कृतनिष्ट बंगाली भाषा में है जिसका उल्लेख सर्वप्रथम आनंदमठ में किया गया था और 1950 में भारत गणराज्य के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया।यह गीत स्वतंत्रता के दौरान एवं स्वतंत्रता के बाद भी प्रेरणा का स्रोत है।इस गीत के माध्यम से हमें याद दिलाया गया कि भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं है बल्कि एक भू सांस्कृतिक राष्ट्र है जिसकी एकता और उसकी संस्कृति सभ्यता से आती है।इस अवसर पर सभी को हर घर स्वदेशी अपनाने हेतु प्रेरित कर शपथ दिलाई गई।इस अवसर पर स्मिता जेटली, अर्पिता शाह देवरी, आराधना हांडा ,कंचन किरण, अमन शर्मा,पंकज बागड़ी ,मनोज चौहान आदि उपस्थित रहे।

