(रितिक कुमार)
हरिद्वार। बैसाखी के पावन पर्व पर चिन्मय धाम में विशाल संत भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे धाम परिसर में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर संत समाज के लिए विशेष भंडारे की व्यवस्था की गई, जिसमें दूर-दराज से आए संतों का विधिवत सत्कार किया गया। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का भी आयोजन हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत चिन्मयानंद बापू महाराज ने बैसाखी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमारी संस्कृति, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संतों की सेवा और भंडारे का आयोजन भारतीय परंपरा की आत्मा है, जो समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करता है।
इस अवसर पर हठ योगी बाबा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सेवा, साधना और संत संग ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है और लोगों को सकारात्मक दिशा मिलती है आयोजन के सफल संचालन में धाम के सेवादारों और स्थानीय भक्तों का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

