(रितिक कुमार)
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित स्वर्गीय श्री गुरु मोती महंत सेवा आश्रम का पंचम वार्षिक महोत्सव प्रातः स्मरणीय संस्थापक महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री उर्मिलानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विशाल संत समागम एवं संत भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दूर से आए संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर भजन-कीर्तन, धार्मिक जयघोषों एवं भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
अपने प्रवचन में स्वामी उर्मिलानंद महाराज ने कहा कि भगवान की भक्ति ही मनुष्य के उद्धार का सच्चा मार्ग है और यह मार्ग गुरु चरणों की कृपा से ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अपने जीवन को सफल, सार्थक और कल्याणमय बना सकता है।
इस अवसर पर संतों का सम्मान, प्रसाद वितरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आश्रम के व्यवस्थापक श्री सुशील जी महाराज ने कहा कि जिस व्यक्ति को गुरु चरणों की रज प्राप्त हो जाए, उसके भाग्य का उदय हो जाता है। गुरु ही मनुष्य को ईश्वर की ओर जाने वाले मार्ग का सच्चा ज्ञान कराते हैं।
कार्यक्रम में महंत लिली गिरी महाराज सहित हरिद्वार के विभिन्न मठ, मंदिर, आश्रम एवं अखाड़ों से आए संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

