पीरपुरा बना स्मैक तस्करी का गढ़! 48 घंटे में दो तस्कर गिरफ्तार, पहले भी करोड़ों की स्मैक बरामद

रुड़की/मंगलौर। हरिद्वार जनपद का ग्राम पीरपुरा इन दिनों नशे के कारोबार को लेकर चर्चा में है। पिछले कुछ दिनों में पुलिस की लगातार कार्रवाइयों ने यह संकेत दिया है कि गांव में स्मैक तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। मंगलौर और पिरान कलियर पुलिस द्वारा अलग-अलग मामलों में की गई गिरफ्तारियों ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 को मंगलौर कोतवाली पुलिस ने अभियान चलाते हुए पीरपुरा निवासी मोइन को लाखों रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया है।

इसके अगले ही दिन 21 जून 2026 को पिरान कलियर कोतवाली पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए पीरपुरा निवासी अंकुश को लाखों रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार कर लिया। लगातार दो दिनों में एक ही गांव के दो लोगों की गिरफ्तारी ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों का ध्यान गांव की ओर केंद्रित कर दिया है।यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी एसटीएफ की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पीरपुरा निवासी एक बड़ा नशा तस्कर को कोर कॉलेज फ्लाई ओवर से लग-भग 1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस समय भी यह मामला क्षेत्र में काफी चर्चाओं में रहा था। और यहां के दर्जनों लोग पहले भी विभिन्न थानों से स्मैक तस्करी में जेल जा चुके है जिनपर मुकदमे पंजीकृत है।

लगातार सामने आ रहे मामलों से यह सवाल उठने लगा है कि क्या ग्राम पीरपुरा में स्मैक तस्करी का संगठित बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को गांव में सक्रिय नशा कारोबार की गहराई से जांच करनी चाहिए ताकि इसके पीछे काम कर रहे बड़े तस्करों और सप्लायरों तक पहुंचा जा सके।और युवाओं को इससे बचाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और किसी भी कीमत पर नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। हाल की गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क, सप्लाई चेन और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं। लगातार हो रही बरामदगियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।

लगातार तीन बड़ी गिरफ्तारियों ने ग्राम पीरपुरा को नशा तस्करी के संदिग्ध केंद्र के रूप में चर्चा में ला दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और इस पूरे नेटवर्क के खुलासे पर टिकी हुई है।

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