लालढांग। रवासन नदी के तेज बहाव में 14 वर्षीय छात्र के बह जाने और बाद में उसका शव बरामद होने की दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। हादसे ने एक बार फिर रवासन नदी पर सुरक्षित आवागमन के लिए पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को तेज कर दिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने प्रेस वार्ता कर रवासन नदी पर नए पुल के निर्माण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर रसूलपुर, आर्यनगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
विधायक अनुपमा रावत ने सरकार से मांग की कि क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए रवासन नदी पर तत्काल पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से ग्रामीण पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही पुल निर्माण को लेकर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो वह क्षेत्रवासियों के साथ आमरण अनशन करने को मजबूर होंगी।
ग्रामीणों के अनुसार रवासन नदी पर मौजूदा पुल कई गांवों से काफी दूरी पर है। ऐसे में बरसात के दौरान कई ग्रामीण और विद्यार्थी कम दूरी के लिए नदी के रास्ते आवागमन करने को मजबूर हो जाते हैं। तेज बहाव के कारण यह रास्ता बेहद जोखिम भरा साबित होता है।
14 वर्षीय छात्र के नदी में बहने और बाद में शव बरामद होने की घटना के बाद क्षेत्रवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण कराया गया होता तो लोगों को बरसात के मौसम में नदी पार करने की मजबूरी नहीं होती।
हादसे के बाद रवासन नदी पर पुल निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। अब क्षेत्रवासियों की नजर सरकार की ओर है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर कब तक ठोस कार्रवाई होती है।

