(रितिक कुमार)
हरिद्वार। श्री राम कृपा धाम आश्रम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर आश्रम में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर परम पूज्या साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर महाभारत के प्रसंगों और श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों तक विभिन्न प्रसंगों को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को प्रेम, धर्म, कर्म और मानवता का संदेश देता है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और गीता के माध्यम से मनुष्य को कर्तव्य के मार्ग पर चलते हुए निष्काम कर्म करने की प्रेरणा दी।

जन्माष्टमी के अवसर पर आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर भाव-विभोर होकर भक्ति की। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया, आश्रम परिसर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।

भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। जन्मोत्सव के पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
श्री राम कृपा धाम आश्रम में आयोजित जन्माष्टमी समारोह ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनके जीवन संदेश से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

