हरिद्वार। सावन मास की पावन बेला में धर्मनगरी हरिद्वार का गंगा तट भगवान शिव की भक्ति और सेवा के भाव से सराबोर नजर आया। श्री शिव एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में भागीरथी गंगा के पावन सानिध्य में शिव महापुराण कथा एवं विशेष धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि ट्रस्ट की ओर से सीनियर सिटीजन एवं विधवा बहनों के लिए पितृ तर्पण, निःशुल्क यात्रा-प्रवास और शिव महापुराण कथा श्रवण की व्यवस्था की गई। इस पहल के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ एवं जरूरतमंद वर्ग के प्रति सम्मान और सेवा का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर विधि-विधान से पितरों का तर्पण किया तथा उनकी आत्मिक शांति एवं मोक्ष की कामना की। इसके बाद शिव महापुराण कथा का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान शिव की महिमा, शिव भक्ति और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
गंगा तट पर जब श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष किए तो पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
ट्रस्ट के प्रमुख श्री उमेद गिरी आर. गोस्वामी जी ने कहा कि समाज के बुजुर्गों और जरूरतमंद महिलाओं को सम्मान देना तथा उन्हें आध्यात्मिक एवं धार्मिक अनुभव से जोड़ना ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सेवा और सनातन संस्कारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक एवं मानवीय भावना को मजबूत किया जा सकता है।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक जी, प.पू. स्वामी कामेश्वरपुरी जी महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सावन के पावन महीने में गंगा तट पर आयोजित इस आयोजन ने जहां श्रद्धालुओं को शिव भक्ति से जोड़ा, वहीं सेवा, सम्मान और सनातन संस्कृति के समन्वय की एक प्रेरणादायी मिसाल भी प्रस्तुत की।

