(रितिक कुमार)
रुड़की, 15 अगस्त। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उत्साह, राष्ट्रीय गौरव और विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ मनाया गया। जेम्स थॉमसन बिल्डिंग के सामने आयोजित समारोह में संस्थान के संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, पूर्व छात्रों, स्कूली बच्चों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात राष्ट्रगान और संस्थान के कुलगीत ‘जयति जयति विद्या संस्थान’ का गायन किया गया। पूरे परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का माहौल देखने को मिला।

समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के बलिदानों को नमन करते हुए राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की ज्ञान को अत्याधुनिक तकनीकों और ऐसे प्रभावशाली समाधानों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश की प्राथमिकताओं को पूरा करने के साथ ही आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दें।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सतत ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, उन्नत विनिर्माण, आपदा लचीलापन और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में संस्थान के योगदान को रेखांकित किया। साथ ही आईआईटी रुड़की के मजबूत स्टार्टअप और डीप-टेक इकोसिस्टम को भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

प्रो. पंत ने छात्रों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निडर होकर नवाचार करने और अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग जिम्मेदार राष्ट्र निर्माता के रूप में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य का भारत आज के युवाओं के निर्णयों, साहस और योगदान से आकार लेगा।
इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. प्रवीण कुमार ने कहा कि विकसित भारत @2047 की दिशा में देश की प्रगति ज्ञान, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से निर्धारित होगी। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रभावशाली अनुसंधान, उद्यमिता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देकर भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व और टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में एबीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अनुष्रुति अकादमी फॉर द डेफ और आईआईटी रुड़की की कल्चरल सोसाइटी के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता में एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
वहीं, थिंक इंडिया, आईआईटी रुड़की की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा में छात्रों, संकाय सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगा यात्रा ने राष्ट्र सेवा, जिम्मेदार नागरिकता और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित किया।

समारोह के अंत में संविधान के आदर्शों को बनाए रखने तथा उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा, समावेशिता और नवाचार की दिशा में निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। आईआईटी रुड़की ने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से निरंतर योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

