(रितिक कुमार)
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित सुखदेव आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया। व्यास पीठ पर विराजमान परम श्रद्धेय मदन मोहन जी महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का सुंदर एवं भक्तिमय वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति, श्रद्धा और समर्पण से भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
कथा के दौरान कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग आते ही कथा पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा। श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमने लगे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा आश्रम गूंज उठा। विवाह प्रसंग के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का विवाह उत्सव श्रद्धालुओं के बीच साकार हो उठा हो।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया और भक्ति एवं आध्यात्मिक भाव से ओतप्रोत होकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कथा स्थल पर पूरे समय श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।

