(रितिक कुमार)
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित अग्रवाल भवन में जय मां बनभौरी देवी एवं महाराजा अग्रसेन परिवार, चंडीगढ़ की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। श्रीधाम वृंदावन से पधारीं पूज्या साध्वी समाहिता जी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग के दौरान कथा पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा एवं मंगलगीतों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी मनाई।नंदोत्सव के दौरान बाल गोपाल के वात्सल्य स्वरूप का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया, जिससे पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।

पूज्या साध्वी समाहिता जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मनुष्य को भक्ति, प्रेम, करुणा, सदाचार और संस्कारों से जोड़ने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का दिव्य संदेश देता है। हरिद्वार जैसी पावन आध्यात्मिक नगरी में मां गंगा के सानिध्य में भागवत कथा का श्रवण विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
कथा में चंडीगढ़, हिसार, दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे और भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण किया। आयोजन को सफल बनाने में पवन गर्ग, राजेंद्र गर्ग, रमेश मित्तल, सोनी मित्तल, निर्मल सिंगला एवं राहुल गुप्ता सहित परिवार के सदस्य विशेष सहयोग कर रहे हैं।

