(रितिक कुमार)
हरिद्वार। भारतमाता पुरम स्थित श्री हनुमंत धाम में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आश्रम का वार्षिक समारोह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया।
इस अवसर पर परमाध्यक्ष महंत नवलकिशोर दास महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने में संत महापुरुषों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा सनातन धर्म की संवाहक है और परमार्थ के लिए जीवन समर्पित करने वाले संतों ने समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से एकजुट करने का कार्य किया है।
उन्होंने आगे कहा कि श्री हनुमंत धाम सेवा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है, जहां संतों और श्रद्धालुओं के सहयोग से सेवा परंपरा का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
समारोह में महंत दुर्गादास, महंत रघुवीर दास, महंत सूरज दास, महंत बिहारी शरण, महंत राम दास, महंत परमेश्वर दास, महंत गणेश दास, महंत प्रहलाद दास, महंत रामानंद सरस्वती सहित सभी तेरह अखाड़ों के संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान पूरे धाम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा, जहां श्रद्धालुओं ने संतों के सान्निध्य में धर्मलाभ प्राप्त किया।

