(रितिक कुमार)
हरिद्वार। रानी गली स्थित श्री राम कृपा धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित गुरु पूजन समारोह में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपने पूज्य गुरुदेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे धाम में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और गुरु महिमा के जयघोष से वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु चरण वंदना, दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त करते हुए पुष्प, फल एवं पूजन सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर संत-महात्माओं का सम्मान भी किया गया, जिन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।
महोत्सव को संबोधित करते हुए साध्वी डॉ. विशेश्वरी देवी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा गुरु-शिष्य परंपरा में निहित है। गुरु केवल ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु मनुष्य को अज्ञान, मोह और भ्रम के अंधकार से निकालकर ज्ञान, विवेक और आत्मबोध के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु के सान्निध्य में ही व्यक्ति अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ पाता है और आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होता है।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में भी गुरु का महत्व पहले की तरह ही बना हुआ है। गुरु के बताए हुए आदर्शों और संस्कारों को जीवन में अपनाकर ही समाज में नैतिकता, सद्भाव और मानवता को मजबूत किया जा सकता है। गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करने का पावन अवसर है।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं सत्संग में भाग लेकर गुरु महिमा का गुणगान किया। भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने गुरु के चरणों में नमन करते हुए अपने जीवन में सदैव उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन की व्यवस्था में आश्रम के सेवकों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु, महिला-पुरुष एवं युवा भक्त उपस्थित रहे। पूरे दिन श्री राम कृपा धाम गुरु भक्ति, सत्संग और आध्यात्मिक चेतना से गुंजायमान रहा, जिससे उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने दिव्य एवं अलौकिक वातावरण का अनुभव किया।

