स्वामी तुरीयानन्द जी महाराज के 151वें अवतरण दिवस पर भव्य संत सम्मेलन, संतों ने दिया गुरु-भक्ति का

(रितिक कुमार)

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित स्वामी तुरीयानन्द सत्संग सेवा आश्रम में ब्रह्मलीन श्रीश्री 1008 स्वामी तुरीयानन्द जी महाराज के 151वें अवतरण दिवस महोत्सव के उपलक्ष्य में शनिवार, 29 अगस्त को भव्य संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गद्दीनशीन श्रीश्री 1008 स्वामी विवेकानन्द गिरि जी महाराज के संरक्षण में श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

संत सम्मेलन में हरिद्वार नगर के अनेक महामंडलेश्वर, महंत एवं संत समाज ने सहभागिता की। संतों ने अपने प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देते हुए गुरु की महिमा और गुरु-शिष्य के पवित्र संबंध का महत्व बताया।

इस अवसर पर गद्दीनशीन स्वामी विवेकानन्द गिरि जी महाराज ने ‘गुरु-शिष्य का बंधन’ विषय पर प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में गुरु पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब शिष्य स्वयं को कमजोर समझते हुए भी गुरु पर पूर्ण भरोसा करता है, तो गुरु उसका हाथ पकड़कर उसे कठिन परिस्थितियों से निकालकर सही मार्ग और गंतव्य तक पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध केवल ज्ञान प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, समर्पण और मार्गदर्शन का पवित्र बंधन है। “यदि गुरुदेव ने एक बार हाथ पकड़ लिया, तो वे शिष्य को उसके गंतव्य तक पहुंचाकर ही छोड़ते हैं।

”कार्यक्रम में दूर-दूर से श्रद्धालु एवं संत समाज उपस्थित रहा। संतों के प्रवचनों से आश्रम का वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के अंत में सभी संत-महात्माओं का अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया गया। श्रद्धालुओं एवं संत समाज के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!