(रितिक कुमार)
हरिद्वार। श्री स्वामिनारायण मंदिर भुज, कच्छ गुजरात के संयोजन में जगजीतपुर में निर्माणाधीन नूतन विश्रांति भवन का शिलान्यास समारोह संत-महापुरुषों एवं श्रद्धालु भक्तों की उपस्थिति में विधिवत आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने की।
शिलान्यास समारोह में पहुंचे संत-महापुरुषों का महंत पुराणी स्वामी धर्मनन्दन दास महाराज, आचार्य कौशलेंद्र प्रसाद महाराज, उपमहंत स्वामी भगवद जीवन दास महाराज, कोठारी पार्षद जादव जी भगत एवं स्वामी देव प्रकाश दास ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि देश और धर्म को आगे बढ़ाने में गुजरात प्रांत का सदैव अग्रणी योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि महंत पुराणी स्वामी धर्मनन्दन दास महाराज के नेतृत्व और भक्तों के सहयोग से निर्मित होने वाला यह भव्य नूतन विश्रांति भवन उत्तराखंड की पावन धरा पर सनातन धर्म एवं अध्यात्म को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा करने वाले व्यक्ति की धर्म सदैव रक्षा करता है।
आह्वान पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरी महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुंभ की पूर्व संध्या पर विशाल धर्म भवन के शिलान्यास समारोह में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति आगामी कुंभ पर्व की भव्यता का दर्शन करा रही है। उन्होंने इसके लिए पुराणी स्वामी धर्मनन्दन दास महाराज को बधाई दी।
महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि स्वामिनारायण भगवान विष्णु के अवतार हैं। श्रद्धालु बद्रीनारायण, सत्यनारायण, लक्ष्मीनारायण सहित भगवान के विभिन्न स्वरूपों में उसी परम सत्ता की आराधना करते हैं।
वहीं महंत पुराणी स्वामी धर्मनन्दन दास महाराज ने समारोह में उपस्थित सभी संत-महापुरुषों एवं श्रद्धालु भक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भक्तों के सहयोग से स्थापित किया जा रहा यह विश्रांति भवन धर्म और अध्यात्म की धारा को प्रवाहित करने के साथ-साथ सेवा का प्रमुख केंद्र भी बनेगा।
महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी महाराज ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। धर्म के मार्ग का अनुसरण करने वाले व्यक्ति का सदैव कल्याण होता है।
कार्यक्रम का संचालन स्वामी रविदेव शास्त्री ने किया। समारोह में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज, स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी मोहनानंद, महंत दर्शन भारती, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी दिनेश दास, स्वामी ज्योर्तियानंद, कथाव्यास स्वामी आनंद महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-महंत एवं श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।

