(रितिक कुमार)
हरिद्वार। कनखल स्थित संन्यास रोड पर ग्वालियर से आए शिवहरे परिवार के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है। कथा के आयोजन से क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक एवं भक्तिमय बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में पहुंचकर श्रीमद्भागवत के दिव्य प्रसंगों का श्रवण कर धर्मलाभ ले रहे हैं।
कथा का आयोजन श्री निशांत शिवहरे एवं धर्मपत्नी श्रीमती मेघा शिवहरे के सानिध्य में किया जा रहा है। आयोजन में परिवार की बेटियां श्रीमती नेहा गोयल एवं श्रीमती बिन्नी गोयल, दामाद श्री प्रमोद गोयल एवं श्री पुनीत गोयल तथा सहयोगी श्री नीरज भट्ट सहित परिवार के सदस्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
कथा की व्यास पीठ पर चित्रकूट धाम से पधारे आचार्य श्री अखिलेश चंद्र शास्त्री महाराज विराजमान हैं। उनके मुखारविंद से श्रद्धालु श्रीमद्भागवत के विभिन्न आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का श्रवण कर रहे हैं।
भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश दे रही भागवत कथा
कथावाचक आचार्य श्री अखिलेश चंद्र शास्त्री महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल श्रवण करने का विषय नहीं, बल्कि इसके संदेशों को जीवन में आत्मसात करने का माध्यम है। भगवान की भक्ति मनुष्य को अहंकार, मोह और नकारात्मक विचारों से दूर कर सेवा, सद्भाव, परोपकार एवं सदाचार की ओर प्रेरित करती है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य, प्रेम और मानव सेवा का संदेश मिलता है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, गोवर्धन लीला, रुक्मिणी विवाह सहित अनेक धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है।
कथा से भक्तिमय हुआ कनखल का वातावरण
धर्मनगरी हरिद्वार और विशेष रूप से कनखल की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के बीच आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कथा स्थल पर भक्ति भजनों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। शिवहरे परिवार की ओर से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया गया है।

