हरिद्वार। भूपतवाला स्थित रानी गली के मां जगदंबा धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीहरि के नरसिंह अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा में उज्जैन के नरसिंह गांव से पधारे श्रद्धालु भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कथा व्यास श्री ईश्वर लाल जी रावल ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि जब अत्याचारी हिरण्यकश्यप ने अहंकारवश स्वयं को ईश्वर मान लिया और भक्त प्रह्लाद को अनेक यातनाएं दीं, तब भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर अपने परम भक्त की रक्षा की तथा अधर्म का अंत कर धर्म की पुनर्स्थापना की। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करने वाले भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण ही जीवन को सफल बनाता है। जो व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का साथ नहीं छोड़ता, उस पर भगवान की विशेष कृपा बनी रहती है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्त भक्ति रस में सराबोर होकर भगवान नरसिंह के जयघोष करते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। समापन पर श्रद्धालुओं ने कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त कर विश्व शांति, मानव कल्याण और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। कथा के उपरांत प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
इस अवसर पर बाबूलाल परमार, मुन्नालाल पांडया, आनंद पांडया, अमृतलाल, रामचंद्र जी माली, श्यामलाल प्रजापति, कन्हैयालाल, माता शीला देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

