हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित अग्रवाल धर्मशाला के बाहर पानीपत (हरियाणा) से आए श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ जल सेवा और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, चारधाम यात्रियों, स्थानीय नागरिकों एवं राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया तथा शीतल जल एवं पेय पदार्थों का लाभ उठाया।
आयोजकों ने बताया कि सेवा ही सनातन संस्कृति का मूल आधार है। इसी भावना के साथ हर वर्ष की भांति इस बार भी हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुविधा के लिए जल सेवा एवं भंडारे का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं को ठंडा जल, शरबत एवं अन्य पेय पदार्थ वितरित किए गए, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिली।
भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक भोजन प्रसाद वितरित किया गया। सेवा कार्य में शामिल भक्तों ने पूरे समर्पण भाव से व्यवस्थाओं का संचालन किया। आयोजन स्थल पर धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा लोगों ने सेवा कार्य की सराहना करते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
आयोजकों का कहना है कि मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है और इसी उद्देश्य के साथ यह आयोजन किया गया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहित एवं सेवा कार्यों को जारी रखने की बात कही।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

