(रितिक कुमार)
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित अग्रवाल भवन में जय मां बनभौरी देवी एवं महाराजा अग्रसेन परिवार, चंडीगढ़ की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में सहभागिता की। हरिद्वार की पावन धरती और मां गंगा की आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच निकली कलश यात्रा से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
व्यास पीठ पर श्रीधाम वृंदावन से पधारीं पूज्या साध्वी समाहिता जी सात दिनों तक श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत रसपान कराएंगी। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, धर्म, सदाचार, संस्कार एवं सनातन जीवन मूल्यों का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा।
सनातन परंपरा में कलश यात्रा को मंगलारंभ, पवित्रता एवं ईश्वर के आह्वान का प्रतीक माना गया है। इसी भाव के साथ आयोजित कलश यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बना। कथा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ अर्जित किया।
आयोजकों ने बताया कि हरिद्वार की पावन भूमि पर उनके परिवार की ओर से यह तीसरी श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। चंडीगढ़, हिसार, दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं। आयोजकों के अनुसार प्रत्येक आयोजन के साथ श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि कथा आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सनातन धर्म, आध्यात्मिकता एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। आयोजकों ने कथा की सफलता का श्रेय बांके बिहारी जी की कृपा को देते हुए श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने का आह्वान किया।
आयोजन को सफल बनाने में श्री पवन गर्ग, श्री राजेंद्र गर्ग, श्री रमेश मित्तल, श्री सोनी गोयल, श्री निर्मल सिंगला एवं श्री राहुल गुप्ता सहित परिवार के सदस्यों और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। कथा के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

