(रितिक कुमार)
हरिद्वार,। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित ‘स्वर्ण अक्षर 2026’ का प्रथम दिवस साहित्य, संस्कृति, संगीत, नृत्य और रंगमंच की मनमोहक प्रस्तुतियों के नाम रहा। विद्यालय की पांच दशकों की गौरवशाली यात्रा के 50वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

समारोह का शुभारंभ प्रातःकाल जूनियर विंग में आयोजित पुस्तक मेले से हुआ। मेले में विद्यार्थियों, अभिभावकों और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कहानियों, साहसिक साहित्य, जीवनियों और विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों के संग्रह ने विद्यार्थियों में पठन-पाठन और साहित्य के प्रति रुचि को बढ़ावा दिया।
संध्या के समय मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि डीपीएस सोसाइटी, नई दिल्ली के चेयरमैन श्री वी.के. शुंगलू रहे। विशिष्ट अतिथियों में पुलिस महानिदेशक (कारागार) श्री अभिनव सिंह, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री नरेंद्र दत्त, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित तथा बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक श्री रंजन कुमार सहित प्रशासनिक, न्यायिक और सामाजिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यार्थियों के स्वागत गीत और मनमोहक वाद्यवृंद प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने स्वागत संबोधन में डीपीएस रानीपुर की पांच दशकों की उपलब्धियों, गौरवशाली यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वर्ण जयंती वर्ष से संबंधित विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विद्यालय की पुरानी स्मृतियों, उपलब्धियों और विरासत को प्रदर्शित किया गया।
समारोह का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा रचित साहित्यिक कृतियों के संग्रह का विमोचन रहा। प्रसिद्ध साहित्यकार रस्किन बॉन्ड को समर्पित इस पुस्तक में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम की झलक देखने को मिली।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्राथमिक विंग के विद्यार्थियों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न शैलियों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुति दी। वहीं प्री-प्राइमरी के नन्हे कलाकारों ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर आधारित रंगारंग नृत्य के माध्यम से विश्व-बंधुत्व, प्रेम और एकता का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि श्री वी.के. शुंगलू सहित अन्य अतिथियों ने डीपीएस रानीपुर के ऐतिहासिक 50वें वर्ष में प्रवेश पर विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डीपीएस रानीपुर का इतिहास गौरवशाली रहा है और यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। अतिथियों ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा बीएचईएल के योगदान की भी प्रशंसा की।
सीनियर विंग के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत संस्कृत नाटक ‘अष्टावक्र’ समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। नाटक के माध्यम से श्रद्धा, समर्पण और परम सत्ता के प्रति विश्वास का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों के प्रभावशाली अभिनय और संस्कृत भाषा के सशक्त प्रयोग ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री पदमजीत सेहरावत ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए निडर होकर सपने देखने, चुनौतियों को स्वीकार करने और निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ने का संदेश दिया। इसके बाद मिडिल विंग के विद्यार्थियों ने ‘द्रौपदी—नवरस स्वरूपा’ के माध्यम से महाभारत की द्रौपदी के जीवन से जुड़े विभिन्न भावों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। ‘स्वर्ण अक्षर 2026’ का प्रथम दिवस डीपीएस रानीपुर की पांच दशक लंबी गौरवशाली यात्रा, सांस्कृतिक समृद्धि और विद्यार्थियों की प्रतिभा का भव्य उत्सव बनकर सामने आया। समारोह में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और दर्शकों के लिए यह आयोजन एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।

