हरिद्वार,। सुमन नगर, बहादराबाद क्षेत्र में निर्माणाधीन मोबाइल टावर के लिए खोदा गया करीब 10 से 12 फीट गहरा और असुरक्षित गड्ढा भारी बारिश के बीच हादसे का कारण बन गया। गड्ढे में पानी भरने से आसपास की मिट्टी का कटाव शुरू हो गया, जिसके चलते मुख्य सड़क अचानक धंस गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक टाटा एस (छोटा हाथी) मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर जलभराव वाले गड्ढे में जा गिरा। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि उसे मामूली चोटें आईं और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गहरे गड्ढे के खुले पड़े होने के कारण यहां पहले से ही खतरा बना हुआ था। मूसलाधार बारिश के बाद गड्ढे में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई तथा सड़क के आसपास की मिट्टी तेजी से खिसकने लगी।
मामले को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के महानगर अध्यक्ष तुषार चौधरी ने प्रशासन और निर्माणकर्ता एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि टावर का निर्माण कार्य स्थगित होने के बाद गहरे गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया। बारिश के पानी के जलभराव के चलते सड़क और आसपास के मकानों में भी दरारें आने की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

तुषार चौधरी ने कहा कि इस संभावित खतरे को लेकर क्षेत्रवासियों और यूकेडी प्रतिनिधिमंडल की ओर से पूर्व में ही शासन-प्रशासन तथा जिलाधिकारी कार्यालय को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका था। इसके बावजूद समय रहते सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि यदि लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की जान चली जाती या बड़ा आर्थिक नुकसान होता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती, यह बड़ा सवाल है।
उन्होंने इंडस टावर्स, भूमि स्वामी और संबंधित स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
यूकेडी एवं सुमन नगर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि 24 से 48 घंटे के भीतर गड्ढे में कंक्रीट अथवा मिट्टी का भराव कराकर उसे तत्काल समतल और सुरक्षित किया जाए। इसके साथ ही धंसी हुई मुख्य सड़क की भी अविलंब मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो बारिश के दौरान यह गड्ढा और धंसी सड़क राहगीरों तथा आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

