(रितिक कुमार)
हरिद्वार। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शिवालिक होलिस्टिक लर्निंग सेंटर का भव्य शुभारंभ शिवड़ेल स्कूल परिसर में किया गया। इस नए केंद्र की स्थापना बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और खेल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
संस्था के संचालकों ने बताया कि वर्तमान समय में केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, संचार कौशल, रचनात्मकता और शारीरिक दक्षता पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। इसी सोच के साथ इस केंद्र की शुरुआत की गई है, जहाँ अकादमिक कोचिंग, कला एवं कौशल प्रशिक्षण तथा प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कोचिंग एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।

केंद्र में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, राइटिंग स्किल और कम्युनिकेशन स्किल पर आधारित विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। वहीं कक्षा 6 और उससे ऊपर के विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयवार कोचिंग प्रदान की जाएगी। प्रत्येक छात्र की प्रगति का मासिक मूल्यांकन कर अभिभावकों को नियमित रिपोर्ट भी दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए डांस, म्यूजिक, पेंटिंग और सेल्फ डिफेंस जैसे कौशल विकास पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्था ने जानकारी दी कि डांस, म्यूजिक और पेंटिंग के कोर्स प्रयाग संगीत समिति से संबद्ध होंगे, जिनके पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

खेल प्रशिक्षण के अंतर्गत क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और जिम्नास्टिक की प्रोफेशनल कोचिंग अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दी जाएगी। साथ ही समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं और टूर्नामेंट का आयोजन कर विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित की जाएगी।
संस्था का उद्देश्य बच्चों की रुचियों को प्रारंभिक अवस्था में पहचानकर उन्हें सही दिशा देना और उनकी प्रतिभा को भविष्य के करियर से जोड़ना है। प्रबंधक श्रीमती आकांक्षा श्रीवास्तव ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस पहल का लाभ उठाते हुए अपने बच्चों को समग्र विकास के इस मंच से जोड़ें।
केंद्र का ध्येय वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” है, जिसका अर्थ है— वही शिक्षा सार्थक है जो व्यक्ति की क्षमता को मुक्त कर उसे आगे बढ़ाए।

